SURAT : वर्तमान दौर में किसी भी छोटे या बड़े व्यवसाय की सफलता के लिए केवल मेहनत और अच्छे उत्पाद का होना पर्याप्त नहीं है। आज के डिजिटल युग में वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन भुगतान, ई-कॉमर्स, ब्रांडिंग और उत्पाद की आकर्षक पैकेजिंग जैसी जानकारी भी उद्यमियों के लिए बेहद जरूरी हो गई है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बजाज फिनसर्व लिमिटेड और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में सूरत जिले के कामरेज एवं डूंगरा में तीन दिवसीय ‘सक्षम परियोजना’ कार्यशाला का आयोजन किया गया।
10 से 12 सितंबर 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में स्थानीय युवाओं, महिला उद्यमियों तथा उभरते कारोबारियों को व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने, डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग करने और अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

युवाओं और महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल
SURAT : ‘सक्षम परियोजना’ का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मौजूद प्रतिभाशाली युवाओं और महिला उद्यमियों को आवश्यक कौशल एवं जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।आज अनेक लोग अपने घर से छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करते हैं। कई महिलाएं घर पर विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार करती हैं, जबकि युवा अपनी तकनीकी एवं व्यावसायिक क्षमताओं के आधार पर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन व्यवसाय शुरू करने के बाद उन्हें बैंकिंग, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल भुगतान, लाइसेंस, मार्केटिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन बिक्री जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।ऐसे में ‘सक्षम परियोजना’ जैसी पहल इन उभरते उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवसाय से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई, ताकि वे अपने कारोबार को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ा सकें और बदलते बाजार की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
डिजिटल होना अब समय की जरूरत
SURAT : कार्यशाला के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल साक्षरता और वित्तीय जागरूकता प्रत्येक उद्यमी के लिए आवश्यक हो गई है।आज ग्राहक अपने उत्पादों और सेवाओं के बारे में जानकारी लेने से लेकर खरीदारी और भुगतान तक डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में छोटे व्यापारियों और स्थानीय उद्यमियों के लिए भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ना जरूरी हो गया है।प्रतिभागियों को समझाया गया कि वे UPI, डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके अपने व्यवसाय को स्थानीय बाजार से आगे ले जा सकते हैं। डिजिटल माध्यमों के जरिए नए ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सकती है और पुराने ग्राहकों के साथ भी बेहतर संपर्क बनाए रखा जा सकता है।
सुरेंद्र जैन ने डिजिटल मार्गदर्शन के महत्व पर दिया जोर
SURAT : भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII) के परियोजना समन्वयक सुरेंद्र जैन ने प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि आज हर वर्ग के लिए डिजिटल होना जरूरी हो गया है। चाहे कोई व्यापारी हो, तकनीकी क्षेत्र से जुड़ा व्यक्ति हो या नौकरीपेशा हो, डिजिटल माध्यमों की जानकारी उसके लिए उपयोगी है।उन्होंने कहा कि सही डिजिटल मार्गदर्शन को अपनाकर उद्यमी अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं, अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं और नए ग्राहक जोड़ सकते हैं। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सही तरीके से उपयोग करने से छोटे व्यवसायों को भी अपने उत्पादों की पहचान बनाने का अवसर मिल सकता है।प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि केवल अच्छा उत्पाद बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और उचित डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर विशेष प्रशिक्षण
SURAT : कार्यशाला में उत्पाद विकास के साथ-साथ ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर भी विशेष चर्चा की गई।कई स्थानीय उद्यमी बेहतरीन उत्पाद तैयार करते हैं, लेकिन उचित पैकेजिंग और ब्रांडिंग के अभाव में उनके उत्पाद बड़े बाजार तक नहीं पहुंच पाते। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि उत्पाद की पैकेजिंग ग्राहक के लिए पहली नजर में आकर्षण पैदा करती है।इसके अलावा उत्पाद का नाम, लोगो, पैकेजिंग डिजाइन, लेबलिंग, ग्राहक को दी जाने वाली जानकारी और बाजार में उत्पाद की पहचान बनाने जैसे विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।प्रतिभागियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि यदि किसी स्थानीय उत्पाद को सही तरीके से ब्रांडिंग और पैकेजिंग के साथ बाजार में प्रस्तुत किया जाए तो वह स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेहतर संभावनाएं पैदा कर सकता है।
वित्तीय साक्षरता से लेकर बैंकिंग और बीमा तक जानकारी
SURAT : तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में फाइनेंशियल लिटरेसी एक्सपर्ट द्वारा प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।प्रशिक्षण में डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं के अलावा बीमा, बजट प्रबंधन, व्यवसाय में पैसों का प्रबंधन, आय-व्यय का हिसाब रखने और व्यवसाय से जुड़े विभिन्न प्रकार के लाइसेंस की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया गया।छोटे व्यवसायों के लिए बजट प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है। कई बार व्यवसाय में अच्छी बिक्री होने के बावजूद उचित वित्तीय प्रबंधन नहीं होने के कारण उद्यमी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को व्यवसाय की आय और खर्च को व्यवस्थित तरीके से समझने तथा भविष्य की जरूरतों के लिए वित्तीय योजना बनाने के बारे में भी जानकारी दी गई।
ई-कॉमर्स और ऑनलाइन बाजार से जुड़ने पर जोर
SURAT : कार्यशाला में प्रतिभागियों को अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।आज इंटरनेट ने छोटे व्यवसायों के लिए भी बाजार का दायरा काफी बढ़ा दिया है। पहले जहां कोई स्थानीय उद्यमी केवल अपने आसपास के ग्राहकों तक सीमित रहता था, वहीं डिजिटल माध्यमों के जरिए वह अपने उत्पादों को दूसरे शहरों और राज्यों तक पहुंचा सकता है।इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन ग्राहक संपर्क, डिजिटल भुगतान और उत्पादों की ऑनलाइन प्रस्तुति से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।
CSR पहल के तहत गुजरात के कई जिलों में संचालित है ‘सक्षम परियोजना’
SURAT : परियोजना समन्वयक सुरेंद्र जैन ने बताया कि बजाज फिनसर्व लिमिटेड की CSR नीति के तहत ‘सक्षम परियोजना’ गुजरात के कई जिलों में संचालित की जा रही है।यह परियोजना सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, मेहसाणा, आनंद, राजकोट और सुरेंद्रनगर सहित गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी संचालित की जा रही है।इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और पुरुषों को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने में सहयोग देना तथा उनके उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने के लिए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
प्रतिभागियों ने लगाई उत्पाद प्रदर्शनी
SURAT : कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में प्रतिभागियों ने अपने द्वारा निर्मित अलग-अलग प्रकार के उत्पाद प्रस्तुत किए।अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रतिभागियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने उत्पादों को लोगों के सामने प्रस्तुत करने और अपने काम के बारे में जानकारी साझा करने का अवसर भी मिला।यह पहल प्रतिभागियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें यह समझने में भी मददगार रही कि अपने उत्पाद को बाजार में किस प्रकार प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क रहा
SURAT : इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया। इससे क्षेत्र के ऐसे युवाओं और महिला उद्यमियों को भी लाभ उठाने का अवसर मिला, जो व्यवसाय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं लेकिन इसके लिए अलग से प्रशिक्षण शुल्क वहन करना उनके लिए संभव नहीं होता।कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर कई उभरते उद्यमियों को वित्तीय, डिजिटल और व्यवसायिक क्षेत्र में नई जानकारी प्राप्त हुई।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मिलेगा प्रमाण पत्र
SURAT : प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को उनके द्वारा प्राप्त प्रशिक्षण और कौशल का औपचारिक प्रमाण भी मिलेगा।इसके अलावा परियोजना के तहत प्रशिक्षण के बाद भी प्रतिभागियों को सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। यदि भविष्य में किसी प्रतिभागी को अपने व्यवसाय से संबंधित लाइसेंस, दस्तावेजी प्रक्रिया, व्यवसाय संचालन या हैंड होल्डिंग सपोर्ट की आवश्यकता होती है, तो परियोजना के अंतर्गत आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम की सफलता में सहयोग करने वालों की महत्वपूर्ण भूमिका
SURAT : कामरेज एवं डूंगरा में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय स्तर पर जुड़े सहयोगियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।कार्यक्रम को सफल बनाने में विपुल भाई, विशाल भाई एवं सोनल बेन, डूंगरा द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। उनके सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और प्रतिभागियों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने में मदद मिली।
छोटे व्यवसायों के लिए बड़ी संभावनाओं की शुरुआत
SURAT : सक्षम परियोजना’ जैसी पहल केवल तीन दिवसीय प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।आज जब बाजार तेजी से डिजिटल हो रहा है, ऐसे समय में छोटे उद्यमियों के लिए तकनीक को समझना और उसका सही उपयोग करना बेहद जरूरी है। यदि किसी उद्यमी के पास अच्छा उत्पाद है और उसके साथ वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा ऑनलाइन बिक्री की जानकारी भी है, तो उसके व्यवसाय के विस्तार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।कामरेज और डूंगरा में आयोजित तीन दिवसीय ‘सक्षम परियोजना’ कार्यशाला ने इसी दिशा में प्रतिभागियों को नई जानकारी, नई सोच और नए अवसरों से जोड़ने का काम किया है।आने वाले समय में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से यदि अधिक से अधिक युवाओं और महिलाओं को डिजिटल एवं वित्तीय रूप से सक्षम बनाया जाता है, तो स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और अनेक परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, ‘सक्षम परियोजना’ का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं एवं महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने, उनके व्यवसाय को डिजिटल दुनिया से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया है।
