crime : उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई जगहों पर लड़कियों ( girls ) का एक गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह मदद के नाम पर लोगों से पैसे मांगता है। अलीगढ़ में एक वीडियो वायरल ( video viral ) होने के बाद इस ‘ठग गिरोह’ का भंडाफोड़ हुआ है। इस गिरोह में दो दर्जन से ज़्यादा लड़कियां शामिल हैं।
इस गिरोह में दो दर्जन से ज़्यादा लड़कियां शामिल हैं
crime : अगर आपको हाईवे ( high way ) या सड़क ( road ) से गुज़रते हुए लड़कियों या महिलाओं का कोई समूह मदद मांगता हुआ दिखाई दे, तो गाड़ी के ब्रेक लगाने से पहले दो बार सोचें। उत्तर प्रदेश ( uttar pradesh ) और उत्तराखंड में कई जगहों पर लड़कियों का एक गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह मदद के नाम पर लोगों से पैसे मांगता है। अलीगढ़ में एक वीडियो वायरल होने के बाद इस ‘ठग गिरोह’ का भंडाफोड़ हुआ है। इस गिरोह में दो दर्जन से ज़्यादा लड़कियां शामिल हैं। ये लड़कियां अलग-अलग इलाकों में सड़क किनारे खड़ी रहती हैं। फिर बाढ़ प्रभावित बच्चों की मदद के नाम पर गाड़ियों को रोककर लोगों से पैसे ऐंठती हैं। अलीगढ़, मेरठ से लेकर उत्तराखंड के रुद्रपुर तक ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं।
https://youtube.com/shorts/_t3wwiLPNfk?feature=shar

https://dailynewsstock.in/world-london-zombi-hotspot-horror-movie/
वीडियो पोस्ट से सामने आई जानकारी
crime : पुलिस प्रशासन ( police department ) को भी लड़कियों के इस रैकेट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लड़कियों की ये हरकतें सोशल मीडिया ( social media ) पर वायरल हुए एक वीडियो से सामने आई हैं। कैलाश चौधरी नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके इस रैकेट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इन लड़कियों को पहली बार 3 अगस्त को लोधा क्षेत्र के फगोई गाँव के पास देखा था। इसके बाद, 8 अगस्त को कैलाश को लोधा क्षेत्र के खैर रोड स्थित लोसरा गाँव के पास फिर से लड़कियाँ इसी तरह पैसे माँगती मिलीं।
crime : उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई जगहों पर लड़कियों ( girls ) का एक गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह मदद के नाम पर लोगों से पैसे मांगता है। अलीगढ़ में एक वीडियो वायरल ( video viral ) होने के बाद इस ‘ठग गिरोह’ का भंडाफोड़ हुआ है। इस गिरोह में दो दर्जन से ज़्यादा लड़कियां शामिल हैं।

लड़कियों ने बताया कि वे राजस्थान-गुजरात की हैं।
crime : उन्होंने बताया कि पूछताछ करने पर उनके जवाब संतोषजनक नहीं थे, जिससे संदेह पैदा हो रहा था। लड़कियों ने अच्छे कपड़े पहने हुए थे और कभी खुद को राजस्थान तो कभी गुजरात की बता रही थीं। उन्होंने जो आधार कार्ड दिखाया, वह भी फर्जी लग रहा था। आधार पर एक दक्षिण भारतीय भाषा में लिखा था। कुछ और सवाल पूछने पर लड़कियाँ टालमटोल करने लगीं। उन्होंने बताया कि वे अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ठहरी थीं, लेकिन यह जानकारी भी गलत निकली।
लड़कियों के पास पर्चे भी हैं
crime : कैलाश चौधरी ने बताया कि लड़कियों के पास हिंदी और अंग्रेजी में लिखे पर्चे हैं, जिन पर बाढ़ प्रभावित बच्चों की मदद के नाम पर लोगों से पैसे मांगने की बात लिखी है। इन पर लिखा था – ‘सभी भाई-बहनों से मेरा निवेदन है कि हम सभी रानीपुर के निवासी हैं। मुश्किलों के चलते हमें अपना घर छोड़ना पड़ा है। हमारे साथ छोटे-छोटे बच्चे हैं। हम खाने-पीने और कपड़ों के लिए लाचार हैं। कृपया हमारी मदद करें। ईश्वर आपकी मदद करेगा।’
crime : एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। किसी ने शिकायत नहीं की है। उन्होंने कहा कि वे जानकारी जुटा रहे हैं। अगर यह धोखाधड़ी का मामला है, तो कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर जारी दोनों वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि ये लड़कियां बांग्लादेशी या रोहिंग्या हो सकती हैं। वहीं, कैलाश का कहना है कि अगर इन लड़कियों की वजह से किसी के साथ कोई घटना होती है, तो कौन जिम्मेदार होगा?
